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जयपुर वन्यजीव क्षेत्रों में विश्व पर्यावरण दिवस पर वृक्षारोपण अभियान

विश्व पर्यावरण दिवस पर जयपुर वन्यजीव मंडल के झालाना, नाहरगढ़ और बीड़ पापड़ क्षेत्रों में वृहद सफाई अभियान, वृक्षारोपण, सरोवर पूजन और पर्यावरण संरक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए।

सुमित जुनेजा
विशेष संवाददाता, नेचर टाइम्स

जयपुर, 5 जून। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जयपुर वन्यजीव एवं चिड़ियाघर मंडल में प्रकृति संरक्षण, स्वच्छता और हरियाली को समर्पित एक व्यापक अभियान चलाया गया। जंगलों, जैविक उद्यानों और वन्यजीव क्षेत्रों में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों ने यह संदेश दिया कि पर्यावरण संरक्षण केवल एक दिन का आयोजन नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति हमारी सतत जिम्मेदारी है। इस अवसर पर सफाई अभियान, वृक्षारोपण, पक्षियों के लिए परिंडे लगाने, सरोवर पूजन और जन-जागरूकता गतिविधियों के माध्यम से लोगों को प्रकृति से जुड़ने का संदेश दिया गया।
उप वन संरक्षक (DCF) वन्यजीव एवं चिड़ियाघर जयपुर विजयपाल सिंह के निर्देशन में आयोजित इन कार्यक्रमों में वन विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों, स्वयंसेवकों, सामाजिक संगठनों, होटल समूहों तथा स्थानीय नागरिकों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। पूरे दिन चले कार्यक्रमों में पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने पर विशेष जोर दिया गया।


विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर सबसे प्रमुख गतिविधियों में से एक सफाई अभियान रहा। वन्यजीव क्षेत्रों और पर्यटक स्थलों पर स्वच्छता बनाए रखने के उद्देश्य से विभिन्न स्थानों पर विशेष अभियान चलाए गए। जंगलों और प्राकृतिक आवासों को प्लास्टिक तथा अन्य अपशिष्ट पदार्थों से मुक्त रखने के लिए वनकर्मियों और स्वयंसेवकों ने संयुक्त रूप से श्रमदान किया। अधिकारियों ने कहा कि स्वच्छ वातावरण केवल मानव जीवन के लिए ही नहीं, बल्कि वन्यजीवों और पक्षियों के संरक्षण के लिए भी अत्यंत आवश्यक है।
हाथीगांव क्षेत्र में पर्यावरण दिवस के अवसर पर विशेष पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यहां ‘ले मेरिडियन’ होटल के स्वयंसेवकों ने वन विभाग के अधिकारियों के साथ मिलकर परिसर में छायादार और औषधीय महत्व के लगभग 40 पौधे लगाए। सहायक वन संरक्षक प्राची चौधरी और रेंजर गौरव कुमार के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में पौधारोपण के साथ-साथ पौधों के संरक्षण और नियमित देखभाल का संकल्प भी लिया गया। अधिकारियों ने कहा कि पौधे लगाना जितना महत्वपूर्ण है, उतना ही उनका संरक्षण भी आवश्यक है।


नाहरगढ़ जैविक उद्यान में भी पर्यावरण दिवस उत्साह के साथ मनाया गया। यहां व्यापक सफाई अभियान के बाद वन विभाग के अधिकारियों, ईडीसी सदस्यों और इंडाना होटल्स ग्रुप के कर्मचारियों ने मिलकर बरगद, पीपल और जामुन जैसी पर्यावरणीय दृष्टि से महत्वपूर्ण प्रजातियों के 31 पौधे लगाए। कार्यक्रम के दौरान जैव विविधता संरक्षण और वन्यजीवों के लिए हरित आवास विकसित करने पर भी चर्चा की गई। अधिकारियों ने कहा कि ऐसे पौधे भविष्य में पक्षियों, तितलियों और अन्य जीवों के लिए महत्वपूर्ण आश्रय स्थल बनेंगे।
वहीं नाहरगढ़ वन्यजीव अभयारण्य के बीड़ पापड़ लेपर्ड सफारी क्षेत्र में वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास को स्वच्छ और सुरक्षित बनाए रखने के उद्देश्य से विशेष अभियान चलाया गया। वन विभाग के रेंज स्टाफ और ‘होप एंड बियॉन्ड’ संस्था के स्वयंसेवकों ने मिलकर सफाई अभियान संचालित किया। इसके साथ ही जामुन, शहतूत और पिलखन जैसी स्थानीय प्रजातियों के पौधे लगाए गए। विशेषज्ञों का मानना है कि स्थानीय प्रजातियों का रोपण वन्यजीवों और पक्षियों के लिए अधिक लाभकारी साबित होता है तथा इससे प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूती मिलती है।


विश्व पर्यावरण दिवस का उपखंड स्तरीय मुख्य कार्यक्रम जयपुर प्रादेशिक रेंज के झालाना लेपर्ड रिजर्व क्षेत्र में आयोजित किया गया, जहां प्रकृति संरक्षण को सांस्कृतिक और सामाजिक सहभागिता से जोड़ने का प्रयास देखने को मिला। कार्यक्रम में पूर्व मंत्री कन्हैयालाल मीणा, वंदे गंगाजल अभियान के जयपुर प्रभारी हेमंत शर्मा, उपखंड अधिकारी सांगानेर विकास प्रजापत, ब्लॉक विकास अधिकारी ज्योति, क्षेत्रीय वन अधिकारी जितेन्द्र सिंह शेखावत, विभिन्न विभागों के अधिकारी, जिप्सी ड्राइवर, स्वयंसेवक तथा स्थानीय नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान माताजी मंदिर ट्रैक क्षेत्र में विशेष सफाई अभियान चलाया गया। इसके बाद विधि-विधान के साथ 11 पौधों का रोपण किया गया। पर्यावरण और जल संरक्षण के प्रति जागरूकता का संदेश देने के लिए सरोवर पूजन का आयोजन भी किया गया। पक्षियों के लिए परिंडे बांधकर वन्यजीव और पक्षी संरक्षण के महत्व को रेखांकित किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को तुलसी के पौधे वितरित किए गए ताकि वे अपने घरों और आसपास के क्षेत्रों में हरियाली बढ़ाने में योगदान दे सकें।


इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि जलवायु परिवर्तन, बढ़ते तापमान और घटते हरित क्षेत्र आज पूरी दुनिया के सामने गंभीर चुनौती बन चुके हैं। ऐसे समय में वृक्षारोपण, जल संरक्षण और स्वच्छता जैसे छोटे-छोटे प्रयास भी बड़े बदलाव का आधार बन सकते हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे पर्यावरण संरक्षण को केवल सरकारी कार्यक्रम न मानकर अपनी व्यक्तिगत और सामाजिक जिम्मेदारी के रूप में स्वीकार करें।

कार्यक्रम के अंत में उपखंड अधिकारी विकास प्रजापत ने उपस्थित सभी लोगों को पर्यावरण संरक्षण की शपथ दिलाई। सभी प्रतिभागियों ने संकल्प लिया कि वे अधिक से अधिक पौधे लगाएंगे, जल स्रोतों की रक्षा करेंगे, स्वच्छता बनाए रखेंगे और आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहतर पर्यावरण छोड़ने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएंगे।
विश्व पर्यावरण दिवस पर जयपुर वन्यजीव एवं चिड़ियाघर मंडल में आयोजित इन गतिविधियों ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि जब प्रशासन, वन विभाग, सामाजिक संगठन, निजी संस्थान और आमजन एक साथ आते हैं, तब पर्यावरण संरक्षण केवल एक अभियान नहीं बल्कि जनभागीदारी का सशक्त आंदोलन बन जाता है।

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