
नेचर टाइम्स संवाददाता | सवाई माधोपुर
सवाई माधोपुर। भारत में बाघ संरक्षण और वन्यजीव सरोकारों को समर्पित प्रमुख आयोजनों में शामिल रॉयल रणथम्भौर इंटरनेशनल टाइगर वीक (आईटीडब्ल्यू) का पांचवां संस्करण 26 से 28 जून तक रणथम्भौर में आयोजित होने जा रहा है। इस वर्ष कार्यक्रम की थीम “कंजर्व इंडिया’ज फाइनेस्ट टाइगर्स” रखी गई है, जिसके तहत देश के छह महान और चर्चित बाघों की विरासत, उनके संरक्षण की कहानियों और उनसे जुड़े महत्वपूर्ण अनुभवों पर विशेष चर्चा की जाएगी।
तीन दिवसीय इस आयोजन में देशभर से वन्यजीव संरक्षणवादी, शोधकर्ता, वरिष्ठ वन अधिकारी, फोटोग्राफर, फिल्म निर्माता, पर्यटन विशेषज्ञ, कॉर्पोरेट प्रतिनिधि और प्रकृति प्रेमी एक मंच पर जुटेंगे। आयोजन का उद्देश्य भारत की सफल बाघ संरक्षण यात्रा का उत्सव मनाने के साथ-साथ भविष्य की चुनौतियों, वन्यजीव गलियारों, जिम्मेदार पर्यटन और मानव-वन्यजीव सह-अस्तित्व जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर सार्थक संवाद को बढ़ावा देना है।

आमाघाटी वाइल्डलाइफ रिजॉर्ट और कैसल झूमर बावड़ी में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में मुख्य व्याख्यान, पैनल चर्चाएं, संरक्षण से जुड़ी प्रेरक कहानियां, वन्यजीव फोटोग्राफी गतिविधियां और सम्मान समारोह प्रमुख आकर्षण रहेंगे। कार्यक्रम में प्रसिद्ध वन्यजीव संरक्षणवादी डॉ. लतिका नाथ, रणथम्भौर के जाने-माने प्रकृतिविद विजय सिंह मीणा, अभिनेता, लेखक एवं निर्माता राहुल सिंह तथा वाइल्डलाइफ एसओएस के सह-संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी कार्तिक सत्यनारायण सहित कई प्रतिष्ठित विशेषज्ञ भाग लेंगे।
इस बार का सबसे विशेष आकर्षण “भारत के छह महान बाघ” विषय पर आयोजित विशेष सत्र होगा। इस सत्र में उन बाघों की प्रेरक कहानियों और विरासत को याद किया जाएगा जिन्होंने देश में वन्यजीव संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने और लाखों लोगों को प्रकृति संरक्षण से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। विशेषज्ञ इन बाघों से जुड़े अनुभवों और संरक्षण के सबक साझा करेंगे।
कार्यक्रम के दौरान आयोजित होने वाला कंजर्वेशन अवॉर्ड्स समारोह भी विशेष आकर्षण रहेगा। इसमें वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरणीय सरोकारों के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों और संस्थाओं को 11 विभिन्न श्रेणियों में सम्मानित किया जाएगा। इनमें टाइगर रिजर्व ऑफ द ईयर, मुख्यमंत्री ऑफ द ईयर – वाइल्डलाइफ लीडरशिप अवॉर्ड, वाइल्डलाइफ वार्डन ऑफ द ईयर, एंटी-पोचिंग एक्सीलेंस अवॉर्ड, वाइल्डलाइफ फोटोग्राफर ऑफ द ईयर, जर्नलिस्ट ऑफ द ईयर – वाइल्डलाइफ एवं पर्यावरण तथा लाइफटाइम अचीवमेंट इन वाइल्डलाइफ कंजर्वेशन जैसे प्रतिष्ठित सम्मान शामिल हैं।
पुरस्कारों का चयन एक प्रतिष्ठित जूरी द्वारा किया जाएगा जिसकी अध्यक्षता पंजाब के पूर्व राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के पूर्व प्रशासक वी.पी. सिंह बदनौर करेंगे।
कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय स्तर की वाइल्डलाइफ फोटोग्राफी प्रतियोगिता और टाइगर संरक्षण पेंटिंग प्रतियोगिता का भी आयोजन किया जाएगा, जिससे आमजन और युवाओं की संरक्षण गतिविधियों में भागीदारी को प्रोत्साहन मिलेगा। इसके अलावा जंगलों और वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए अग्रिम पंक्ति में कार्यरत वनकर्मियों के समर्पण और योगदान को सम्मानित करने के लिए विशेष कल्याणकारी पहल भी संचालित की जाएगी।
वन्यजीव संरक्षण, बाघों की विरासत, प्रकृति पर्यटन और संरक्षण नेतृत्व पर केंद्रित यह आयोजन एक बार फिर रणथम्भौर को राष्ट्रीय स्तर पर वन्यजीव संवाद के प्रमुख मंच के रूप में स्थापित करने जा रहा है।




