
जयपुर, 12 अप्रैल
नेचर टाइम्स डेस्क,
राजधानी जयपुर के नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क में रविवार को पर्यटन का अनोखा उत्साह देखने को मिला, जब बड़ी संख्या में लोग वन्यजीवों के करीब आने के अनुभव के लिए उमड़ पड़े। सुहावने मौसम और अवकाश के दिन ने इस आकर्षण को और बढ़ा दिया, जिसके चलते कुल 1704 पर्यटकों ने उद्यान का भ्रमण किया।

इस दौरान टाइगर सफारी और लायन सफारी पर्यटकों के लिए सबसे बड़ा आकर्षण साबित हुईं। 216-216 पर्यटकों ने दोनों सफारियों का रोमांच लिया, लेकिन असली केंद्र में रहे व्हाइट टाइगर ‘भीम’ और उसकी गोल्डन बहन बाघिन ‘स्कंधी’। जैसे ही ये दोनों पहली बार सफारी क्षेत्र में नजर आए, पर्यटकों का उत्साह चरम पर पहुंच गया। उनकी चंचल हरकतें और शाही अंदाज ने पूरे वातावरण को रोमांच से भर दिया।
नाहरगढ़ जैविक उद्यान अब राजस्थान में व्हाइट टाइगर सफारी का पहला प्रमुख केंद्र बनकर उभरा है, जहां पर्यटक न केवल दुर्लभ सफेद बाघ को करीब से देख पा रहे हैं, बल्कि गोल्डन टाइग्रेस स्कंधी की मौजूदगी इस अनुभव को और भी खास बना रही है। पहले ये दोनों उद्यान के सीमित क्षेत्र में ही देखे जाते थे, लेकिन अब सफारी में शिफ्ट होने के बाद इनकी मौजूदगी ने पूरे क्षेत्र को जीवंत कर दिया है।

उप वन संरक्षक विजयपाल सिंह के निर्देशन में पूरे पार्क की व्यवस्थाओं को मजबूत किया गया है। एसीएफ देवेंद्र सिंह राठौड़ और रेंजर शुभम शर्मा द्वारा सफारियों की लगातार निगरानी की गई, जिससे पर्यटकों की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित हो सकी।
टूरिज्म मैनेजमेंट टीम ने टिकटिंग से लेकर भीड़ नियंत्रण तक हर व्यवस्था को सुव्यवस्थित रखा, जिससे हजारों पर्यटकों को बिना किसी परेशानी के सहज अनुभव मिल सका।
वन विभाग की सतत निगरानी और बेहतर प्रबंधन के चलते नाहरगढ़ जैविक उद्यान आज राजस्थान के सबसे लोकप्रिय वन्यजीव पर्यटन स्थलों में अपनी मजबूत पहचान बना चुका है। यह स्थान अब केवल मनोरंजन का केंद्र नहीं, बल्कि वन्यजीव संरक्षण और जागरूकता का भी प्रमुख प्रतीक बनता जा रहा है, जहां हर दिन प्रकृति और रोमांच का नया अनुभव पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है।




