राजस्थान वन विभाग
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राजस्थान वन विभाग में तबादलों का दूसरा बड़ा धमाका: अब 90 रेंज अधिकारियों की सूची भी जारी, एक ही दिन में वन महकमे में ऐतिहासिक प्रशासनिक फेरबदल

ACF और DFO के बाद अब रेंज अधिकारियों के तबादले; जयपुर से जैसलमेर, उदयपुर से भरतपुर और कोटा से धौलपुर तक बदला वन प्रशासन का चेहरा, अब IFS, वनपाल, सहायक वनपाल और वन रक्षकों की सूची का इंतजार

नेचर टाइम्स | विशेष संवाददाता: सुमित जुनेजा

राजस्थान वन विभाग में लंबे समय से चल रही तबादलों की सुगबुगाहट आखिरकार अब बड़े प्रशासनिक बदलाव में बदल चुकी है। 10 जुलाई की सुबह से लेकर देर रात तक पूरा वन महकमा केवल एक ही सवाल पर टिका रहा—”सूची कब आएगी?” सचिवालय से लेकर अरण्य भवन तक, वन मंडलों से लेकर रेंज कार्यालयों तक और मोबाइल फोन से लेकर सोशल मीडिया समूहों तक हर ओर तबादलों की चर्चा रही। अधिकारी और कर्मचारी लगातार एक-दूसरे से संपर्क कर सूची की जानकारी लेते रहे। देर रात पहले 65 सहायक वन संरक्षकों (ACF) और 39 उपवन संरक्षकों (DFO) की सूची जारी हुई और अब उसी क्रम को आगे बढ़ाते हुए 90 क्षेत्रीय वन अधिकारियों (Range Officers) के स्थानांतरण एवं पदस्थापन का आदेश भी जारी कर दिया गया है।


प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन बल प्रमुख), राजस्थान, जयपुर द्वारा जारी आदेश के अनुसार प्रदेशभर के 90 रेंज अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। यह आदेश राजस्थान वन विभाग में पिछले कई वर्षों के सबसे व्यापक प्रशासनिक फेरबदल में शामिल माना जा रहा है। इस आदेश से प्रदेश के लगभग सभी प्रमुख वन वृत्त, वन्यजीव अभयारण्य, राष्ट्रीय उद्यान, सामाजिक वानिकी, परियोजना इकाइयां, प्रशिक्षण संस्थान तथा विभिन्न प्रशासनिक कार्यालय प्रभावित हुए हैं।
इस सूची में राजेंद्र सिंह राठौड़, ममता, अनूप कुमार शर्मा, शंकरलाल स्वामी, कानसिंह, जितेंद्र सिंह राठौड़, महिपाल सिंह शेखावत, दीपक कुमार मीणा, कमलेश कुमार रावत, राजेंद्र मेहला, मोनिका, राकेश सक्सेना, सर्वजीत सिंह, समेरा राम, पंकज शर्मा, जयदीप सिंह, पृथ्वीराज मीणा, शिवप्रकाश चौधरी, आशुतोष शर्मा, कृष्ण कुमार, विजय पाल यादव, प्रसून कुमार, शंकर लाल मीणा, दिलीप सिंह चौहान, अभिषेक भटनागर, शांतिलाल मेघवाल, अशोक कुमार मीणा, रूपम सोनी, पंकज कुमार लूणीवाल, भगवानराम, नरपत सिंह, चंद्रजीत सिंह पंवार, वसना राम, नरेंद्र बिश्नोई, भगवतीलाल त्रिपाठी, धर्मवीर मील, बृजपाल सिंह, नागेश पुरोहित, मक्खन शर्मा, लाखन सिंह, नरेंद्र कुमार, विरेंद्र सिंह भावरिया, मुकेश बाबूलाल शर्मा, श्रुति सिंह, दीपिका चारण, श्रवण झाझड़िया, प्रेम सागर, रतनलाल बेरवा, राजेश कुमार शर्मा, पवन सिंह बिड़ूड़ी, इन्द्रेश यादव, हेमंत कुमार मीणा, जितेंद्र कुमार सैन, पवन कुमार शर्मा, सुभाष चंद्र वर्मा, विजय कुमार मीणा, भगवान सहाय चौधरी, विकास चौधरी, दीपक सिंह, शंकरलाल मीणा, मनोहर खां, अश्वनी पारीक, मुरारीलाल कुमावत, आनंद मिश्रा, मनोज कुमार औदिच्य, भगवत सिंह चुंडावत, जितेंद्र सिंह चौधरी, रेणु सुमन, पंकज देवल, मुकेश कुमार सुमन, ममता जांगिड़, नारायण सिंह कछावा, राकेश कुमार, अजीत कुमार मीणा, सुनील कुमार, टीकमचंद मीणा, नरेंद्र पाल सिंह, जितेंद्र सिंह नरूका, भीम सिंह यादव, जोधराज सिंह, हेमंत कुमार मीणा, मोनिका मीणा, भूपेंद्र सिंह, कैलाश शर्मा, रणवीर सिंह, अब्दुल सलीम, लक्ष्मण सिंह भाटी, संगीता बिश्नोई, लोकेश मेनारिया तथा जितेंद्र सिंह वर्मा सहित सभी अधिकारियों को नई तैनाती दी गई है।

इन अधिकारियों को वन्यजीव रेंजों, वन सुरक्षा, सामाजिक वानिकी, राजस्थान जैव विविधता मंडल, जयपुर विकास प्राधिकरण, वन प्रशिक्षण संस्थानों, उपवन संरक्षक कार्यालयों, परियोजना इकाइयों तथा विभिन्न वन मंडलों में पदस्थापित किया गया है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि सभी अधिकारी तत्काल प्रभाव से अपने नवीन पदस्थापन स्थल पर कार्यभार ग्रहण करें तथा संबंधित वरिष्ठ अधिकारी इसकी अनुपालना सुनिश्चित करें।
वन विभाग के जानकारों का मानना है कि मानसून के दौरान चल रहे वृक्षारोपण अभियान, वन संरक्षण, वन्यजीव प्रबंधन, परियोजनाओं के प्रभावी संचालन तथा प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने के उद्देश्य से यह व्यापक फेरबदल किया गया है। इससे फील्ड स्तर पर कार्यों की गति बढ़ने तथा विभिन्न वन क्षेत्रों में बेहतर समन्वय स्थापित होने की संभावना है।
वन महकमे में अब चर्चा का विषय केवल जारी हुई सूचियां नहीं हैं, बल्कि यह भी है कि प्रशासनिक बदलाव का यह सिलसिला अभी समाप्त नहीं हुआ है। विभागीय सूत्रों के अनुसार अब भारतीय वन सेवा (IFS) अधिकारियों, वनपाल (Forester), सहायक वनपाल (Deputy Forester) तथा वन रक्षकों (Forest Guards) की तबादला सूचियों का भी बेसब्री से इंतजार किया जा रहा है। अरण्य भवन से लेकर जिला स्तर तक पूरे विभाग में इसी बात की चर्चा है कि अगले चरण में और भी बड़े प्रशासनिक निर्णय सामने आ सकते हैं।
एक ही दिन में ACF, DFO और अब 90 रेंज अधिकारियों के व्यापक तबादलों ने स्पष्ट संकेत दे दिया है कि राजस्थान वन विभाग में प्रशासनिक पुनर्गठन का बड़ा अभियान शुरू हो चुका है। आने वाले दिनों में यदि शेष संवर्गों की सूची भी जारी होती है तो प्रदेश के वन प्रशासन का स्वरूप और अधिक व्यापक रूप से बदलता नजर आएगा। यह पूरा घटनाक्रम न केवल वन विभाग के लिए, बल्कि वन संरक्षण, वन्यजीव प्रबंधन और प्रदेश की पर्यावरणीय प्रशासनिक व्यवस्था के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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