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आईआईएम उदयपुर बनेगा हरित परिसर का मॉडल | व्यापक पौधारोपण अभियान

ग्रीन पीपल सोसायटी और आईआईएम उदयपुर ने मानसून में व्यापक पौधारोपण की कार्ययोजना बनाई, स्थानीय प्रजातियों से विकसित होगा जैव-विविधता आधारित हरित परिसर।

नेचर टाइम्स न्यूज नेटवर्क

उदयपुर | 7 जुलाई, 2026

उदयपुर, 7 जुलाई। राजस्थान में पर्यावरण संरक्षण और हरित विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) उदयपुर को स्थानीय जैव-विविधता पर आधारित आदर्श हरित परिसर के रूप में विकसित करने की तैयारी शुरू हो गई है। इसी उद्देश्य से मानसून के दौरान व्यापक पौधारोपण अभियान की कार्ययोजना को अंतिम रूप देने के लिए ग्रीन पीपल सोसायटी (GPS) और आईआईएम उदयपुर के अधिकारियों के बीच महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।

बैठक के दौरान आईआईएम उदयपुर के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी प्रकाश बिदियप्पा ने संस्थान परिसर का विस्तृत प्रेजेंटेशन प्रस्तुत करते हुए पूरे कैंपस का मास्टर प्लान साझा किया। उन्होंने उन सभी स्थानों की जानकारी दी, जहां वर्तमान मानसून सत्र में बड़े पैमाने पर पौधारोपण किया जा सकता है। इसके बाद ग्रीन पीपल सोसायटी के विशेषज्ञों ने पूरे परिसर का स्थलीय निरीक्षण कर विभिन्न स्थलों का वैज्ञानिक आकलन किया।

निरीक्षण के दौरान विशेषज्ञों ने स्थानीय जलवायु, मिट्टी और भौगोलिक परिस्थितियों के अनुरूप देशी प्रजातियों के पौधे लगाने पर विशेष जोर दिया। साथ ही परिसर के दीर्घकालिक हरित विकास, जैव-विविधता संरक्षण और प्राकृतिक पारिस्थितिकी को मजबूत बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए गए। विशेषज्ञों का मानना है कि स्थानीय प्रजातियों का वैज्ञानिक तरीके से पौधारोपण न केवल पर्यावरण संरक्षण को मजबूती देगा बल्कि परिसर को प्राकृतिक रूप से अधिक समृद्ध और टिकाऊ बनाएगा।

ग्रीन पीपल सोसायटी ने इस अभियान के लिए पौधों के चयन, वैज्ञानिक पौधारोपण तकनीक, तकनीकी मार्गदर्शन तथा आवश्यक लॉजिस्टिक सहयोग उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। संस्था ने आईआईएम उदयपुर के साथ मिलकर इस पूरे अभियान को सफल बनाने की प्रतिबद्धता भी व्यक्त की।

ग्रीन पीपल सोसायटी के अध्यक्ष राहुल भटनागर के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल में उपाध्यक्ष डॉ. शरद श्रीवास्तव, सचिव डॉ. सतीश शर्मा, प्रो. इंदरजीत माथुर, सुहेल मजबूर, प्रताप सिंह, डॉ. आनंद सिंह जोधा तथा जगमल सिंह खंगारोट शामिल रहे।

बैठक के अंत में दोनों संस्थाओं ने पर्यावरण संरक्षण, जैव-विविधता संवर्धन और सतत विकास के साझा उद्देश्य को लेकर मिलकर कार्य करने पर सहमति व्यक्त की। दोनों पक्षों ने विश्वास जताया कि यह संयुक्त पहल आने वाले समय में आईआईएम उदयपुर को एक समृद्ध, पर्यावरण-अनुकूल और प्रेरणादायी हरित परिसर के रूप में स्थापित करेगी तथा प्रदेश के अन्य शैक्षणिक संस्थानों के लिए भी एक आदर्श मॉडल बनेगी।

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