
नेचर टाइम्स | जयपुर | 16 अगस्त 2026
जयपुर, स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राजधानी जयपुर में वन एवं पर्यावरण से जुड़े प्रमुख संस्थानों में राष्ट्रभक्ति के साथ प्रकृति और पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी प्रमुखता से गूंजा। अरण्य भवन में जहां वन एवं वन्यजीव संरक्षण में उत्कृष्ट योगदान देने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों और वनमित्रों को सम्मानित किया गया, वहीं राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल मुख्यालय में “स्वच्छ हवा, स्वच्छ जल और स्वच्छ राजस्थान” का संकल्प दोहराया गया।

अरण्य भवन में ध्वजारोहण, उत्कृष्ट सेवाओं का सम्मान
अरण्य भवन में स्वतंत्रता दिवस समारोह का शुभारंभ प्रातः 7:30 बजे प्रधान मुख्य वन संरक्षक (विकास) शिखा मेहरा द्वारा ध्वजारोहण के साथ हुआ। राष्ट्रगान एवं राष्ट्रगीत के सामूहिक गायन के बाद उन्होंने वन एवं वन्यजीव संरक्षण, पर्यावरण सुरक्षा और प्रदेश में हरित क्षेत्र बढ़ाने के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।
शिखा मेहरा ने कहा कि केवल पौधरोपण करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि लगाए गए पौधों का संरक्षण और नियमित देखभाल भी उतनी ही आवश्यक है। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण को सामूहिक जिम्मेदारी बताते हुए प्रदेश को अधिक हरित बनाने के लिए सभी से सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया।
वन और वन्यजीव सुरक्षा में योगदान देने वाले कार्मिक सम्मानित
समारोह का विशेष आकर्षण वन एवं वन्यजीव सुरक्षा तथा विभागीय कार्यों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों और वनमित्रों का सम्मान रहा। उन्हें प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए।
सम्मानित होने वालों में दिनेश कुमार गुप्ता, जितेन्द्र सिंह शेखावत, नरेन्द्र चौधरी, जितेन्द्र खटीक, जितेन्द्र मिठारवाल, करनाराम, राजेन्द्र सिंह बामोर, जितेन्द्र सिंह, जयवीर सिंह, राकेश विश्नोई, पांचू राम, सत्यनारायण शर्मा, मोहन लाल खारवाल, घनश्याम सिंघल, पंकज चावला, रतिराम मीणा, अभय दाधीच, श्रीचन्द नाथ, हंसराज खटीक, लीलाराम मीणा, शायर सिंह और राहुल खां शामिल रहे। वनमित्रों में प्रेमशंकर, पप्पू राम, राकेश सैनी, रमेश चन्द सैनी और लालचंद जटिया को सम्मानित किया गया।
समारोह में उदय शंकर, के.सी.ए. अरुण प्रसाद, टीजे कविता, राजेश गुप्ता, विजय एन., एस.आर.वी. मूर्ति, सी.आर. मीणा, आर.के. खैरवा, संगीता राठौड़, सुदीप कौर, बनवारी शर्मा और पंकज गुप्ता सहित बड़ी संख्या में अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे। कार्यक्रम की व्यवस्थाओं में प्रकाश चंद यादव, अजय वीर सिंह, चेतन कुमार नानीवाल और महिम जैन सहित अन्य कार्मिकों ने सहयोग किया। अंत में उप वन संरक्षक एवं प्राविधिक सहायक सुरेश कुमार गुप्ता ने सभी का आभार व्यक्त किया।
प्रदूषण नियंत्रण मंडल में गूंजा—‘प्रदूषण से आजादी’ का संदेश
दूसरी ओर, राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल मुख्यालय में भी स्वतंत्रता दिवस गरिमापूर्ण ढंग से मनाया गया। मंडल के सदस्य सचिव कपिल चन्द्रवाल ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया और अधिकारियों एवं कर्मचारियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता दोहराई।
उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता की भावना तभी व्यापक रूप से सार्थक होगी, जब प्रत्येक नागरिक को स्वच्छ वायु, निर्मल जल और स्वस्थ पर्यावरण मिले। पर्यावरण की रक्षा केवल सरकारी संस्थाओं का दायित्व नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की नैतिक और संवैधानिक जिम्मेदारी भी है।

प्लास्टिक घटाएं, कचरा अलग करें और जल स्रोतों को बचाएं
समारोह के माध्यम से नागरिकों को “प्रदूषण से आजादी” का संकल्प लेने का संदेश दिया गया। प्लास्टिक का कम से कम उपयोग करने, कचरे को अलग-अलग रखने, जल स्रोतों को प्रदूषण से बचाने, पौधरोपण करने और पर्यावरणीय नियमों का पालन करने का आह्वान किया गया।
कपिल चन्द्रवाल ने बताया कि राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल औद्योगिक प्रदूषण नियंत्रण, पर्यावरणीय मानकों की प्रभावी पालना और जन-जागरूकता के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण को मजबूत करने के लिए लगातार कार्य कर रहा है।
समारोह में अधिकारियों और कर्मचारियों ने राष्ट्र की एकता एवं अखंडता के साथ पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की और “स्वच्छ हवा, स्वच्छ जल और स्वच्छ राजस्थान” का संकल्प दोहराया।
आजादी के पर्व पर प्रकृति बचाने का साझा संदेश
स्वतंत्रता दिवस के दोनों आयोजनों का केंद्रीय संदेश स्पष्ट रहा—देश के विकास के साथ जंगल, वन्यजीव, हवा और पानी की सुरक्षा भी उतनी ही आवश्यक है। अरण्य भवन से पौधों के संरक्षण और हरित राजस्थान का संदेश निकला तो प्रदूषण नियंत्रण मंडल से प्रदूषण घटाने और प्राकृतिक संसाधनों को सुरक्षित रखने का आह्वान हुआ। इस तरह स्वतंत्रता के राष्ट्रीय पर्व पर पर्यावरण संरक्षण को नागरिक जिम्मेदारी से जोड़ते हुए हरित, स्वच्छ और स्वस्थ राजस्थान के निर्माण का संकल्प सामने आया।


