
सुमित जुनेजा ,
जयपुर। प्रदेश में पर्यटन को सुरक्षित, सुगम और पर्यटक-अनुकूल बनाने की दिशा में एक और सकारात्मक पहल सामने आई, जब बनीपार्क स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट (आईएचएम) परिसर में बूथ डिज़ाइनिंग एवं ब्यूटीफिकेशन प्रतियोगिता–2026 का पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया गया। यह आयोजन पर्यटन विभाग द्वारा पर्यटकों की सुरक्षा, मार्गदर्शन और सहायता के लिए तैनात पर्यटक सहायता बल के बूथों को अधिक आकर्षक और उपयोगी बनाने के उद्देश्य से किया गया था।

समारोह को संबोधित करते हुए पर्यटन आयुक्त रूकमणी रियाड़ ने कहा कि पर्यटक सहायता बल राजस्थान पर्यटन का एक मजबूत और अनिवार्य स्तंभ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राजस्थान उन चुनिंदा राज्यों में शामिल है, जहां पर्यटकों की मदद के लिए विशेष सहायता बल सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है। उनका कहना था कि विद्यार्थियों को इस तरह के रचनात्मक आयोजनों से पर्यटन से जोड़ना भविष्य में पर्यटन विकास के लिए एक सकारात्मक और दूरदर्शी निवेश है।
इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट की प्रिंसिपल निमिषा सेठ ने बताया कि प्रतियोगिता का आयोजन पर्यटन विभाग के सहयोग से किया गया, जिसमें जयपुर के नौ विद्यालयों के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। विद्यार्थियों ने बूथ डिज़ाइनिंग के माध्यम से अपनी कल्पनाशील सोच, नवाचार और सौंदर्यबोध को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। प्रत्येक विद्यालय स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले नौ विद्यार्थियों को प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया गया।

पर्यटक सहायता बल के उपनिदेशक संग्राम सिंह भाटी ने बताया कि टूरिस्ट असिस्टेंस फोर्स राज्यभर में पर्यटकों को सुरक्षा, सूचना, मार्गदर्शन और आपातकालीन सहायता प्रदान करने में अहम भूमिका निभा रही है। उन्होंने कहा कि यदि सहायता बूथ आकर्षक और सुविधाजनक हों, तो पर्यटक बिना हिचक सहायता लेने आगे आते हैं, जिससे उनका अनुभव और अधिक सकारात्मक बनता है।
समारोह में समग्र रूप से प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली ऋद्धिमा गुप्ता, कक्षा 9, एमजीडी स्कूल अजमेरी गेट, जयपुर को विशेष सम्मान प्रदान किया गया। पुरस्कार वितरण विद्यार्थियों के अभिभावकों की उपस्थिति में किया गया, जिससे कार्यक्रम का उत्साह और गरिमा दोनों बढ़े।

इस अवसर पर पर्यटन विभाग, पर्यटक सहायता बल और होटल प्रबंधन संस्थान के अधिकारी, शिक्षक, विद्यार्थी और अभिभावक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। यह आयोजन न केवल छात्रों की रचनात्मकता का मंच बना, बल्कि यह संदेश भी दे गया कि पर्यटन केवल स्थल नहीं, बल्कि सुरक्षित और सहयोगी अनुभव का नाम है।


