
जयपुर, 10 अप्रैल 2026
नेचर टाइम्स डेस्क,
देशभर में तेज़ी से बढ़ रही गर्मी अब एक नए खतरे की दस्तक दे रही है। तापमान के लगातार ऊपर जाने के साथ ही रिहायशी इलाकों में सांपों की मौजूदगी तेजी से बढ़ने लगी है। खासकर राजस्थान, गुजरात और मध्य प्रदेश में हाल के दिनों में सांपों के रेस्क्यू कॉल्स में अचानक उछाल दर्ज किया गया है, जिसने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है।
वन विभाग और रेस्क्यू टीमों के अनुसार, यह स्थिति असामान्य नहीं है, लेकिन बेहद संवेदनशील जरूर है। जैसे-जैसे गर्मी बढ़ती है, जमीन की ऊपरी सतह तपने लगती है और सांपों के लिए अपने प्राकृतिक बिलों में रहना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में वे ठंडक और नमी की तलाश में बाहर निकलते हैं और इंसानी बस्तियों की ओर बढ़ने लगते हैं। यही वजह है कि इन दिनों घरों के आसपास, बगीचों, नालियों, पानी के स्रोतों और निर्माण स्थलों के पास सांपों के दिखने की घटनाएं बढ़ गई हैं।

फाइल फोटो
विशेषज्ञों का कहना है कि यह पूरी तरह प्राकृतिक व्यवहार है, लेकिन इससे इंसान और वन्यजीव के बीच टकराव की स्थिति बढ़ रही है। कई बार अचानक सांप दिखने से लोग घबरा जाते हैं और जल्दबाजी में गलत कदम उठा लेते हैं, जिससे खतरा और बढ़ सकता है। ऐसे में सबसे जरूरी है संयम और सही जानकारी।
रेस्क्यू टीमों पर भी इन दिनों जबरदस्त दबाव देखा जा रहा है। शहरों से लेकर छोटे कस्बों तक, हर दिन सांपों को पकड़कर सुरक्षित स्थानों पर छोड़ने के कई मामले सामने आ रहे हैं। यह साफ संकेत है कि यह समस्या अब व्यापक रूप ले चुकी है और इससे निपटने के लिए बेहतर समन्वय और जागरूकता की जरूरत है।
वन विभाग ने लोगों के लिए स्पष्ट सलाह जारी की है कि सांप दिखने पर घबराएं नहीं और न ही उसे मारने या खुद पकड़ने की कोशिश करें। तुरंत स्थानीय रेस्क्यू टीम या हेल्पलाइन से संपर्क करना ही सबसे सुरक्षित तरीका है। साथ ही घर और आसपास सफाई बनाए रखना, झाड़ियों और कचरे को हटाना, और कहीं भी पानी जमा न होने देना जैसे छोटे-छोटे उपाय इस खतरे को काफी हद तक कम कर सकते हैं।
तेजी से बदलते मौसम के इस दौर में यह स्थिति एक चेतावनी भी है कि प्रकृति के साथ संतुलन बनाए रखना कितना जरूरी है। सावधानी और समझदारी ही इस खतरे से बचाव का सबसे बड़ा उपाय है।




