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हरियालो राजस्थान मिशन तेज: इस मानसून 10 करोड़ पौधारोपण का लक्ष्य, सरकार ने कसी कमर

सीएम भजनलाल शर्मा के निर्देश—हर विभाग की भागीदारी तय, ड्रोन सीडिंग से लेकर नमो वन तक हर स्तर पर हरियाली का ब्लूप्रिंट तैयार

जयपुर, 04 अप्रैल 2026

नेचर टाइम्स,

राजस्थान को हरियाली की नई पहचान देने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा और निर्णायक कदम उठाया है। मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने साफ कर दिया है कि ‘हरियालो राजस्थान’ केवल एक अभियान नहीं, बल्कि राज्य का भविष्य है। इसी लक्ष्य को साधते हुए आगामी मानसून सीजन में 10 करोड़ पौधारोपण का महाअभियान चलाया जाएगा, जिसके लिए सभी विभागों को मिशन मोड में काम करने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री कार्यालय में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में पौधारोपण लक्ष्य, चंदन वन, नमो वन और नमो नर्सरी जैसे महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट्स पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में वन एवं पर्यावरण विभाग सहित अन्य सभी विभागों की सक्रिय भागीदारी को अनिवार्य बताया गया, वहीं मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास को पूरे अभियान की निरंतर मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी सौंपी गई।

फाइल फोटो


मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि 5 जून, विश्व पर्यावरण दिवस से इस अभियान की औपचारिक शुरुआत होगी, जिसके बाद जुलाई, अगस्त और सितम्बर में मानसून के दौरान इसे गति दी जाएगी। सभी विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि पौधारोपण से पहले स्थान चयन, फेंसिंग, गड्ढों की खुदाई जैसे सभी जरूरी कार्य समय रहते पूरे कर लिए जाएं, ताकि अभियान जमीन पर प्रभावी तरीके से उतर सके।
इस महाअभियान को व्यापक बनाने के लिए राजस्व विभाग, भारतीय रेलवे और सार्वजनिक निर्माण विभाग को भी सक्रिय भूमिका में लाया गया है। रेलवे परिसंपत्तियों, प्रमुख सड़कों के किनारे और चारागाह क्षेत्रों में बड़े स्तर पर वृक्षारोपण की योजना तैयार की जा रही है। मुख्यमंत्री ने मिट्टी की गुणवत्ता के अनुसार पौधारोपण करने और विशेष रूप से गूलर जैसे उपयोगी वृक्षों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं।

फाइल फोटो
सरकार ने इस अभियान को तकनीक और जनभागीदारी से जोड़ने का भी बड़ा निर्णय लिया है। पहाड़ी और वन क्षेत्रों में ड्रोन सीडिंग के माध्यम से पौधारोपण को बढ़ावा दिया जाएगा, वहीं वनरक्षक कार्यालयों के लिए सीएसआर के जरिए पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने की योजना भी बनाई गई है। इस पूरे अभियान में वृक्षमित्रों की सक्रिय भागीदारी को भी महत्वपूर्ण माना गया है।
मुख्यमंत्री वृक्षारोपण महाअभियान के तहत किसानों को निःशुल्क फलदार पौधे उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ किसानों की आय में भी वृद्धि हो सके। वहीं उदयपुर, सिरोही और बांसवाड़ा में चंदन वन विकसित करने के लिए चिन्हित स्थलों पर निरीक्षण और आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

राज्य के हर जिले में नमो नर्सरी और प्रत्येक पंचायत समिति स्तर पर चरणबद्ध तरीके से नमो वन विकसित करने की योजना इस अभियान को जमीनी स्तर तक पहुंचाने का संकेत दे रही है। यह पहल न केवल हरियाली बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम है, बल्कि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में पर्यावरण संतुलन को मजबूत करने का प्रयास भी है।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2024 से 2028 तक मिशन हरियालो राजस्थान के तहत 50 करोड़ पौधारोपण का लक्ष्य रखा गया है। अब तक के आंकड़े इस मिशन की सफलता को दर्शाते हैं—वर्ष 2024 में 7.22 करोड़ और वर्ष 2025 में 11.74 करोड़ से अधिक पौधारोपण कर सरकार ने तय लक्ष्य से भी आगे बढ़कर परिणाम दिए हैं।
बैठक में वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संजय शर्मा, अतिरिक्त मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय अखिल अरोड़ा, अतिरिक्त मुख्य सचिव वन एवं पर्यावरण आनंद कुमार सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे, जबकि मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए जुड़े।
राजस्थान अब हरियाली की ओर निर्णायक कदम बढ़ा चुका है—अब निगाहें इस बात पर हैं कि यह महाअभियान जमीन पर कितनी तेजी और प्रभाव के साथ नजर आता है।

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