Earth Hour 2026: उदयपुर से उठा बड़ा संदेश, राजस्थान में दिखी अभूतपूर्व जनभागीदारी
छात्रों, नागरिकों और संस्थाओं की बड़ी भागीदारी, WWF-India के साथ मिलकर चला पर्यावरण अभियान

उदयपुर। ऊर्जा संरक्षण और पर्यावरण जागरूकता के वैश्विक अभियान ‘अर्थ ऑवर’ को इस बार राजस्थान में जबरदस्त जनसमर्थन मिला। उदयपुर में फतहसागर पाल पर आयोजित साइक्लोथॉन ने इस अभियान को जनआंदोलन का रूप दे दिया, जहां 151 से अधिक प्रकृति प्रेमियों ने ऑनलाइन पंजीकरण के माध्यम से सक्रिय भागीदारी निभाई।

कार्यक्रम को मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) सेडूराम यादव, उपवन संरक्षक यादवेंद्र सिंह चुंडावत, सेवानिवृत्त मुख्य वन संरक्षक एवं ग्रीन पीपल सोसाइटी अध्यक्ष राहुल भटनागर, अरावली ग्रुप ऑफ कॉलेज के चेयरमैन ओम प्रकाश अग्रवाल और अरावली इंजीनियरिंग कॉलेज के डायरेक्टर डॉ. हेमंत धाभाई सहित कई विशिष्ट अतिथियों ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान ऊर्जा और जल संरक्षण के महत्व पर जोर देते हुए सभी ने आमजन से पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी निभाने की अपील की। डब्ल्यूडब्ल्यूएफ-इंडिया के राजस्थान राज्य समन्वयक अरुण सोनी ने बताया कि यह आयोजन सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं बल्कि एक संदेश है—प्रकृति के साथ संतुलन बनाने का। शहर के अलग-अलग वर्गों से आए लोगों ने इसे एक उत्सव की तरह मनाया।

कार्यक्रम में ग्रीन पीपल सोसाइटी के वीरपाल सिंह राणा, राजस्थान विद्यापीठ के डॉ. इंद्रजीत माथुर, डॉ. गौरव, पुष्पा खमेसरा सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। जनार्दन राय नागर राजस्थान विद्यापीठ के कुलपति प्रो. कर्नल एसएस सारंगदेवोत ने शहरवासियों से अपील करते हुए कहा कि हजारों विद्यार्थी और शिक्षक इस अभियान से जुड़कर इसे और मजबूत बनाएंगे। इस अभियान को राज्य स्तर पर भी समर्थन मिला, जहां जयपुर सचिवालय में सहकारिता मंत्री गौतम दक द्वारा कार्यक्रम पोस्टर का विमोचन किया गया। वहीं स्वयंसेवक उज्ज्वल दाधीच की सक्रिय भूमिका भी उल्लेखनीय रही।

यादवेंद्र सिंह चुंडावत ने बताया कि शहर के प्रमुख लैंडमार्क मानसून पैलेस सज्जनगढ़ में अर्थ ऑवर के समर्थन में अनावश्यक लाइटें बंद रखी जाएंगी। वहीं रेडिसन नाथद्वारा ने भी स्विच ऑफ कर इस वैश्विक मुहिम में अपनी सहभागिता दर्ज कराई। कार्यक्रम का एक अनोखा आकर्षण तब देखने को मिला जब स्केटिंग क्लब के संस्थापक मयंक सोनी के नेतृत्व में 20 विद्यार्थियों ने 8 किलोमीटर तक स्केटिंग कर ‘सेव एनर्जी’ का संदेश फैलाया। बच्चों की इस पहल को सभी अतिथियों ने सराहा और उनका उत्साह बढ़ाया। शिक्षण संस्थानों में भी इस अभियान की गूंज सुनाई दी। उदयपुर, चित्तौड़गढ़ सहित कई शहरों में पेंटिंग, क्विज, टॉक शो, सफाई अभियान, वेटलैंड विजिट और बर्ड वॉचिंग जैसे कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें सैकड़ों विद्यार्थियों और शिक्षकों ने भाग लिया। विशेषज्ञों के रूप में विनय देव, हितेश श्रीमाल और दर्शन मेनारिया ने मार्गदर्शन दिया, वहीं दिग्विजय सिंह राठौड़ ने बर्ड कंजर्वेशन पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। साइक्लोथॉन ‘पैडल फॉर द प्लेनेट’ में उदयपुर साइकिलिंग क्लब के संस्थापक नितेश टांक, मुकेश शर्मा और अन्य सदस्य भी शामिल हुए।

पूरे आयोजन को सफल बनाने में डब्ल्यूडब्ल्यूएफ-इंडिया की वालंटियर टीम का विशेष योगदान रहा। यही नहीं, पूरे राजस्थान में कई सरकारी और गैर-सरकारी संस्थाओं ने मिलकर इस वैश्विक अभियान को नई ऊंचाई दी। मुख्य वन संरक्षक सेडूराम यादव ने कहा कि अर्थ ऑवर सिर्फ एक घंटे की पहल नहीं, बल्कि यह हमारी जीवनशैली में बदलाव लाने का संदेश है। उन्होंने सभी से इस अभियान से निरंतर जुड़े रहने की अपील की।
स्पष्ट है—राजस्थान में ‘अर्थ ऑवर’ अब एक इवेंट नहीं, बल्कि जनभागीदारी से सशक्त होता पर्यावरण आंदोलन बन चुका है।
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