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77वें गणतंत्र दिवस पर अरण्य भवन में सम्मान का महासमर, वन विभाग के 60 अधिकारी-कर्मचारी और खिलाड़ी सम्मानित

प्रधान मुख्य वन संरक्षक पवन कुमार उपाध्याय के मुख्य आतिथ्य में हुआ गणतंत्र दिवस समारोह

सुमित जुनेजा

जयपुर। 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर राजस्थान वन विभाग के मुख्यालय अरण्य भवन, जयपुर में देशभक्ति, अनुशासन और कर्तव्यबोध से ओत-प्रोत भव्य समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन बल प्रमुख), राजस्थान पवन कुमार उपाध्याय के मुख्य आतिथ्य में हुआ। समारोह की शुरुआत ध्वजारोहण के साथ हुई, जिसके बाद स्वतंत्रता सेनानियों को नमन कर उनके बलिदान और त्याग को स्मरण किया गया।

गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान विभाग में उत्कृष्ट एवं सराहनीय कार्य करने वाले 35 अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रशंसा पत्र और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। इसके साथ ही अखिल भारतीय खेलकूद प्रतियोगिता, देहरादून में पदक प्राप्त करने वाले 25 खिलाड़ियों को भी विशेष रूप से सम्मानित किया गया। यह आयोजन 2019 के बाद पहली बार बड़े स्तर पर आयोजित सम्मान समारोह के रूप में विभाग के लिए ऐतिहासिक रहा।
सम्मानित किए गए अधिकारियों एवं कर्मचारियों में पी. कैथरवैल, जगदीश चंद गुप्ता, सुरेश चंद गुप्ता, देवेंद्र प्रताप जागावत, हरेंद्र सिंह नाथावत, प्रदीप सिंह रावत, गरिमा माथुर, अशोक शर्मा, रामकिशोर पलसानिया, विष्णु कुमार शर्मा, उमेश भागोतिया, जोगिंदर सिंह, ललता मीणा, पुनीत उपाध्याय, बनवारी लाल बैरवा, नरेंद्र माथुर, ज्योति मुंडेतिया, अंजना वर्मा, जोरावर सिंह, चेतन कुमार, राजाराम, महिमा टिंकर, झमकू सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल रहे, जिनके कार्यों की विभागीय स्तर पर सराहना की गई।

अपने संबोधन में पवन कुमार उपाध्याय ने स्वतंत्रता सेनानियों को स्मरण करते हुए कहा कि गणतंत्र केवल एक पर्व नहीं, बल्कि कर्तव्य, अनुशासन और उत्तरदायित्व का संकल्प है। उन्होंने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से समयपालन, कर्तव्यनिष्ठा, ईमानदारी और पूर्ण समर्पण के साथ कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने विशेष रूप से वन एवं वन्यजीव संरक्षण, वृक्षारोपण और वन अपराधों की रोकथाम को विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए कहा कि यही सच्ची राष्ट्रसेवा है।

समारोह में अनुराग भारद्वाज, राजेश गुप्ता, के. सी. ए. अरुण प्रसाद, उदय शंकर, के. सी. मीणा, टी. जे. कविता, संगीता राठौड़, शैलजा देवल, आर. एन. मीणा, एस. आर. मूर्ति, रामकरण खैरवा, सुपांग शशि, बीजू जोय, सुदीप कौर, मोनाली सैन, सुरेश मिश्रा, बनवारी लाल शर्मा सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे, जिससे आयोजन की गरिमा और भी बढ़ गई।

कार्यक्रम की समुचित व्यवस्था प्रकाश चंद यादव, चेतन कुमार नूनीवाल, महिम जैन एवं मोहन लाल द्वारा की गई, जबकि कार्यक्रम का संचालन एवं आभार प्रदर्शन उप वन संरक्षक नाहर सिंह द्वारा किया गया।

77वें गणतंत्र दिवस पर अरण्य भवन से उठी यह तस्वीर इस बात का प्रतीक बनी कि राजस्थान वन विभाग न केवल जंगलों और वन्यजीवों की रक्षा कर रहा है, बल्कि अनुशासन, सेवा और उत्कृष्टता की संवैधानिक भावना को भी पूरी निष्ठा से आगे बढ़ा रहा है।1

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